• विदेशी नागरिकों पर प्रतिबंध नहीं पर सख्त कदम जरूरी
  • कोराना वायरस के कारण्अ तरराष्ट्रीय यात्राओं के संबंध में अधिक सख्त कदम उठाने का निर्णय
  • भारतीय को सलाह वे गैर जरूरी विदेश यात्राओं से बचें
  • विदेशी नागरिकों समेत कोरोना वायरस के पुष्ट मामलों की संख्या 73

नई दिल्ली, 12 मार्च (एजेंसी)। जब सारे विश्व में कोराना वायरस के कहर से त्राहिमाम मचा है ऐसे में भारत में भी इस वायरस से बचाव के लिए कुछ सख्त कदम उठाए गए हैं। इसी श्रृंखला में सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में बताया कि भारत ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने की पहल के तहत विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया है बल्कि कुछ सख्त कदम उठाये हैं।

लोकसभा में कोरोना वायरस के संबंध में सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट किया, ‘‘भारत ने प्रतिबंध नहीं लगाया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने कहा है कि अगर कुछ देशों से लोग आते हैं तब उन्हें अलग रखा जायेगा, कुछ मामलों में अनिवार्य रूप से अलग रखा जायेगा। और जो भारतीय नागरिक भी वापस आते हैं, उन्हें भी जरूरत पड़ने पर अलग रखा जायेगा।’’ विदेश मंत्री निचले सदन में आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन की उस टिप्पणी पर जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने जोर दिया था कि भारत एक मात्र देश है जिसने पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।

बहरहाल, स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में 13 नये मामले सामने आने के बाद विदेशी नागरिकों समेत कोरोना वायरस के पुष्ट मामलों की संख्या 73 हो गई है। विदेश मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के और फैलने के मद्देनजर सरकार ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के संबंध में अधिक सख्त कदम उठाने का निर्णय किया। उन्होंने कहा कि इसका कारण स्पष्ट है कि इस संबंध में कोरोना वायरस के मामले सीधे ऐसे देशों से जुड़े हैं जहां से यात्रा संबंधी इतिहास रहा है। ऐसे में भारत में स्वास्थ्य सुरक्षा एवं इसका फैलाव रोकने के लिये जो भी जरूरी होगा, हम करेंगे।

जयशंकर ने कहा कि एक मंत्रिसमूह सतत रूप से देश में वैश्विक कोरोना वायरस की स्थिति पर निगरानी रख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा सरकार ने कुछ मामलों में ई-वीजा एवं आगमन पर वीजा आदि को स्थगित करने का फैसला किया है। विदेश मंत्री ने कहा कि 15 फरवरी के बाद चीन, इटली, ईरान, कोरिया, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को 14 दिनों की न्यूनतम अवधि तक अलग रखा जायेगा।

उन्होंने कहा कि यह भी निर्णय किया गया कि कोई भी विदेशी नागरिक जो अपरिहार्य कारणों से भारत की यात्रा करना चाहता है, वह करीब के भारतीय मिशन से सम्पर्क कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय नागरिकों को यह सुझाव दिया जाता है कि सभी गैर जरूरी विदेश यात्राओं से बचें। उन्हें वापस आने पर न्यूनतम 14 दिनों के लिये अलग रखा जा सकता है।’’ जयशंकर ने कहा कि कोरोना वायरस का फैलना चिंता का विषय है और हम जिम्मेदारीपूर्वक इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और सरकार दुनिया के किसी भी भाग में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें