• कोरोना से जंग में जुटे लोगों को किसी भी तरह की परेशानी पहुंचाने की घटना को गंभीरता से लेंगे
  • इस देश के सामान्य लोग सही समय पर सही कदम उठाने को लेकर विश्वास करते हैं
  • डॉक्टर, नर्स, सफाईकर्मी को अगर कोई परेशानी पहुंचा रहा है तो उस इलाके के लोग उन्हें परेशानी पहुंचाने वालों को चेतावनी दें
  • ऐसे मकान मालिकों और घरों के मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें

वाराणसी/नई दिल्ली, 26 मार्च (एजेंसी)। देश में कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए मेहनत करने वाले डॉक्टर, नर्स समेत कई स्वास्थ्यकर्मी, सफाईकर्मी और विदेशों में फंसे लोगों को लाने वाले एयरलाइंस के क्रू मेंबरों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव करना अब आपको महंगा पड़ सकता है। जी हां, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह कोरोना से जंग में जुटे लोगों को किसी भी तरह की परेशानी पहुंचाने की घटना को गंभीरता से लेंगे। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने अपनी बात पूरी करते हुए कहा कि इस देश के सामान्य लोग सही समय पर सही कदम उठाने को लेकर विश्वास करते हैं।

लोगों ने डॉक्टरों, लैब टेक्नीशियन, नर्सों के प्रति धन्यवाद प्रस्तुत किया

सामजिक कार्यकर्ता मोहनी के सवालों का जवाब देते हुए पीएम ने कहा 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दौरान देश के आम लोगों ने जिस तरह से भागीदारी निभाई उससे दुनिया अचंभित है। इसके बाद इसी दिन शाम को ठीक पांच बजकर पांच मिनट पर देशभर के लोगों ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे लोगों का अभिवादन करने के लिए साथ आए। लोगों ने डॉक्टरों, लैब टेक्नीशियन, नर्सों के प्रति धन्यवाद प्रस्तुत किया। ये पूरे देश ने किया। यह सम्मान का प्रकट रूप था, लेकिन बहुत कम लोग इस बात को समझ पाते हैं कि इस छोटे से कार्यक्रम के द्वारा और भी कुछ हुआ है। इसके अंर्तनिहित एक अप्रकट बात भी थी। वह था समाज के मन में इन सबके लिए आदर सम्मान का भाव।

डॉक्टर, नर्स, सफाईकर्मी को अगर कोई परेशानी पहुंचा रहा है तो उस इलाके के लोग उन्हें परेशानी पहुंचाने वालों को चेतावनी दें

पीएम ने कहा कि डॉक्टर जिंदगी बचाते हैं और हम उनका कर्ज कभी नहीं उतार सकते। जिन लोगों ने वुहान में रेस्क्यू ऑपरेशन किया मैंने उन्हें पत्र लिखा, मेरे लिए वह पल भावुक करने वाला था। वह सिर्फ लिखने के लिए लिखा गया पत्र नहीं था। अभी इटली से लोगों को लाने वाले एयर इंडिया के क्रू जिनमें सभी महिलाएं थीं। मैंने उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किया था। पीएम ने कहा कि शायद आप लोगों ने देखा भी हो। कुछ जगहों से ऐसी घटनाओं की खबरें आई हैं जो हृदय को चोट पहुंचा रही हैं। मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि अगर ऐसी कोई भी गतिविधि कहीं दिखाई दे रही है, इस महामारी से बचाने के लिए जो लोग काम में लगे हैं। डॉक्टर, नर्स, सफाईकर्मी को अगर कोई परेशानी पहुंचा रहा है तो उस इलाके के लोग उन्हें परेशानी पहुंचाने वालों को चेतावनी दें। उनको समझाइए ऐसा ना करें। जो भी सेवा कर रहे हैं कि हमें उनकी मदद करनी चाहिए।

एयरपोर्ट पर जब फौज के जवान जाते हैं तो लोग उठ खड़े हो जाते हैं

पीएम ने साफ तौर से कहा कि देश में जो भी छिटपुट घटनाएं हुई हैं, वह गंभीर है। ऐसे मामलों में गृह विभाग और राज्यों के डीजीपी को सख्ती से काम करने को कहा गया है। डॉक्टरों, नर्सों और सेवा करने वालों को परेशान करना बेहद महंगा पड़ेगा। सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी। पीएम ने आगे कहा कि संकट के इस वक्त में देशवासियों का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि अस्पतालों में सफेद ड्रेस में दिख रहे डॉक्टर और नर्स ईश्वर का ही रूप हैं। आज यही हमें मौत से बचा रहे हैं। अपने जीवन को खतरों में डालकर ये लोग हमारी जिंदगी बचा रहे हैं। पीएम ने कहा कि हमारे समाज में यह संस्कार दिनोदिन प्रबल होता रहे, यह हम सब का दायित्व है। जो लोग देश की सेवा करते हैं, जो देश के लिए खुद को खपाते हैं, उनका सार्वजनिक सम्मान हर पल होते रहना चाहिए। बीते कुछ वर्षों में हमने देखा है कि एयरपोर्ट पर जब फौज के जवान जाते हैं तो लोग उठ खड़े हो जाते हैं। तालियां भी बजाते हैं। आभार प्रकट करने का यह तरीका हमारे संस्कारों में दिनों दिन बढ़ता ही जाना चाहिए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी ऐसी खबरों पर गहरा दुख जताया

एम्स के रेसिडेंट डॉक्टरों ने मंगलवार को कहा था कि उनके कुछ सहकर्मियों को दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है और खासतौर पर मकान मालिक उन्हें घर खाली करने को कह रहे हैं। उन्होंने इस मामले में सरकार से दखल देने की गुहार लगाई थी। गृह मंत्री अमित शाह को भेजे पत्र में रेसिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने कहा था कि उनके कई सहकर्मियों को अपने सामान के साथ सड़कों पर आना पड़ा है। एसोसिएशन ने उनसे अनुरोध किया कि वह तत्काल आदेश जारी करके स्वास्थ्य देखभाल में जुटे पेशेवरों से मकान मालिकों द्वारा घर खाली करवाए जाने पर रोक लाएं। इसके बाद गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस प्रमुख से बात की और इस तरह की किसी भी घटना को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी ऐसी खबरों पर गहरा दुख जताया था।

ऐसे मकान मालिकों और घरों के मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें

सरकार ने बुधवार को क्षेत्रीय उपायुक्तों को ऐसे मकान मालिकों के खिलाफ ‘सख्त दंडात्मक कार्रवाई’ करने का निर्देश दिया जो कोरोना वायरस के डर से डॉक्टरों और अन्य अर्द्धचिकित्साकर्मियों पर किराए के घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं। सरकारी अधिसूचना के मुताबिक इस तरह का बर्ताव कोविड-19 वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई की जड़ पर वार करता है और यह आवश्यक सेवाओं में बाधा उत्पन्न करने के बराबर है। दिल्ली महामारी रोग, कोविड-19 नियमन को लागू करते हुए इसमें कहा गया कि जिला मजिस्ट्रेट, नगर निगमों के क्षेत्रीय उपायुक्त और पुलिस उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कानून के संबंद्ध प्रावधानों के तहत ऐसे मकान मालिकों और घरों के मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। इसमें अधिकारियों से कहा गया है कि वे प्रतिदिन रिपोर्ट भेजें और बताएं कि उन्होंने क्या कदम उठाए हैं।

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें