• आयुष चिकित्सा शिक्षण संस्थानों को तथ्य आधारित शोध करने चाहिए
  • आयुष औषधि निर्माण करने वाले संस्थानों से सेनेटाईजर जैसे आवश्यक उत्पाद बनाये
  • राष्ट्र को स्वस्थ रखने में आयुष की लंबी परंपरा रही है

नई दिल्ली, 29 मार्च (एजेंसी)। आयुष डाक्टरों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के संबंध में जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को स्वस्थ रखने में आयुष की लंबी परंपरा रही है। कोरोना वायरस के संबंध में इसकी महत्ता और बढ़ जाती है। आगे अपनी बात पूरी करते हुए उन्होंने कहा कि आयुष डाक्टरों का तंत्र पूरे देश में फैला है और उन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशों का पालन करते हुए कोरोना वायरस से निपटने में अपने तंत्र का इस्तेमाल करना चाहिए।

आयुष औषधि निर्माण करने वाले संस्थानों से सेनेटाईजर जैसे आवश्यक उत्पाद बनाये

इस अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद येसो नायक और कैबिनेट सचिव और आयुष मंत्रालय के सचिव भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि देश को कोरोना वायरस से निपटने में स्वास्थ्य क्षेत्र के संपूर्ण कार्यबल का इस्तेमाल करना चाहिए। सरकार को जरुरत पड़ने पर आयुष से जुड़े गैर सरकारी डाक्टरों की मदद लेनी चाहिए। उन्होंने आयुष औषधि निर्माण करने वाले संस्थानों से सेनेटाईजर जैसे आवश्यक उत्पाद बनाने को भी कहा।

आयुष चिकित्सा शिक्षण संस्थानों को तथ्य आधारित शोध करने चाहिए

श्री मोदी ने कोरोना वायरस की महामारी से निपटने में टेलीमेडिसिन के इस्तेमाल पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि परस्पर दूरी बनाने पर बल दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस मुश्किल समय में मानसिक तनाव घटाने तथा शारीरिक शक्ति बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय के योगएटहोम अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सा शिक्षण संस्थानों को तथ्य आधारित शोध करने चाहिए जिससे इस पद्धति की विश्वसनीयता बढ़ सके। उन्होंने वैश्विक स्तर पर देश की परंपरागत औषधि और चिकित्सा पद्धति ले जाने को भी कहा।

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