नई दिल्ली| गर्मियों में धूप, उमस व धूल बालों को नुकसान पहुंचाती है, ऐसे में बालों को पोषण की ज्यादा जरूरत होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेजान व शुष्क बालों से निजात पाने के लिए कंडीशनिंग जरूरी है। एडवांस्ड ब्यूटी एंड कॉस्मेटिक क्लीनिक के संस्थापक व मुख्य कार्यकारी […]

नई दिल्ली| रमजान का माह मुस्लिम सम्प्रदाय में  आध्यात्मिक चिंतन, सुधार और ईश्वर के प्रति अधिक श्रद्धा प्रकट करने का महीना है। इस पूरे महीने के दौरान मुस्लिम लोग सूर्य निकलने से लेकर सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं। सूर्य के निकलने से पहले सुबह सवेरे सहरी लेते और सूरज ढलने […]

मथुरा के जमुनापार इलाके के एक गरीब मुस्लिम मजदूर परिवार में पैदा हुए हनीफ मदार, मोहम्मद गनी और सनीफ मदार की खुद की शिक्षा तो बहुत ऊबड़ –खाबड़ तरीके से हुई लेकिन उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझते हुए अपने उपेक्षित इलाके जमुनापार के लिए हाइब्रिड नाम का स्कूल खोला […]

शहरीकरण और लोगों की दिनों-दिन बढ़ती जरूरतों को जंगल काट कर पूरा किया जा रहा है। नतीजा सब के सामने है, धरती का फेफड़ा कहे जाने वाले पेड़ों का तेजी से कटान होने से हमारी धरती बीमार हो रही है। नतीजे और ज्यादा खतरनाक हों, इससे पहले हमें चेत जाना […]

हमारी मानसिकता बन गई है नौकरी-चाकरी करने की। आज का नौजवान घर में अच्छी-खासी खेती बारी होते हुए भी दूर शहर में किसी की मजदूरी या चाकरी करना पंसद करेगा, लेकिन खेत में थोड़ी सी मेहनत कर के शान का जीवन बसर करना कतई पसंद नहीं करता है। आज तो […]

खाने के तेल का एक बड़ा भाग सरसों से हासिल होता है। उत्तर प्रदेश राजस्थान और हरियाणा में सरसों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। पिछले कुछ सालों से यहां सरसों का उत्पादन काफी बढ़ा है। लेकिन इस में अभी बहुत गुंजाइश है। यानी पैदावार को अभी और […]

हवा, पानी की तरह प्लास्टिक भी हमारे जीवन का जरूरी हिस्सा बन गया है। देख तमाशा लकड़ी की तर्ज पर कहा जाए कि देख तमाशा प्लास्टिक का, तो कोई गलत बात नहीं होगी। खेती की बात करें तो खेती किसान भी अब प्लास्टिक के बिना अधूरी भी न कहें तो […]

बीज ही किसान की रोटी है, क्योंकि अगर बीज शुद्ध, अच्छी क्वालिटी का होगा तो उसे खेतों से भरपूर पैदावार मिलेगी। हमारी खेती किसानी पर विदेशी कंपनियों और अंतराष्ट्रीय संगठनों का शिकंजा कसता जा रहा है। छोटे, सीमांत व भूमिहीन किसानों के लिए तरक्की के रास्ते बंद से हो रहे […]

यह किसानों की बदहाली और कृषि वैज्ञानिकों की चिंता का स्लोगन है। कड़ाके की सर्दी में आलू पर पाला गिरने का खतरा क्या मंडराया, किसानों ने फसल को दारू पिलाना ही शुरू कर दिया। किसानों को फिक्र इस बात की है कि उन की फसलों में पीलापन आ रहा है। […]

आधुनिक जीवन शैली में सेहत के बारे में सोचना या समय निकालना मुश्किल हो गया है। इस व्यस्त जिंदगी में समय के अभाव ने जंक फूड या अधिक कैलोरी वाला भोजन खाकर पेट भरने की प्रवृत्ति को जन्म दिया है। यही कारण है कि मोटापा जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। मोटापा […]