• 22 लाख से अधिक श्रमिक प्रतिदिन मनरेगा में काम कर रहे हैं
  • प्रत्येक पंचायत सचिव को छह हजार रुपये महीने मानदेय
  • 50 प्रतिशत महिला मेट नियुक्त करने का निर्णय लिया

Lucknow 26 जुलाई (एजेंसी) सरकार ने शिक्षित बेरोजगारों, महिलाओं और अर्द्धकुशल श्रमिक स्तर के लोगों को गांवों में ही रोजगार मुहैया कराने के लिए कुछ विभागों में मानदेय पर भर्तियां शुरू की है। बीते दिनों कैबिनेट ने 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में हर ग्राम पंचायत में एक पंचायत सचिव कम अकाउंटेंट नियुक्ति करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक पंचायत सचिव को छह हजार रुपये महीने मानदेय दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसकी प्रक्रिया छह महीने में पूरी करने के निर्देश दिए हैं, लिहाजा चुनाव से पहले गांवों में 58 हजार से अधिक युवाओं को मानदेय पर रोजगार मिल जाएगा।

मनरेगा में कामकाज के पर्यवेक्षण के लिए 22 हजार से अधिक महिला मेट की नियुक्ति की जाएगी। महिला मेट का चयन राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिये किया जाएगा। प्रत्येक महिला मेट को हर महीने 8 हजार 400 रुपये महीने से अधिक मानदेय मिलेगा। मनरेगा के नियमों के तहत 50 श्रमिकों के कामकाज पर निगरानी के लिए एक मेट की नियुक्ति का प्रावधान है।

प्रदेश सरकार ने 50 प्रतिशत महिला मेट नियुक्त करने का निर्णय लिया है। प्रदेश में वर्तमान में करीब 22 लाख से अधिक श्रमिक प्रतिदिन मनरेगा में काम कर रहे हैं। ऐसे में करीब 44 हजार मेट नियुक्त होने है, इनमें से 22 हजार महिला मेट नियुक्त की जाएंगी। महिला मेट को अर्द्ध कुशल श्रमिक के बराबर (320 से 405 रुपये) प्रतिदिन की दर से महीने में 26 दिन का मानदेय दिया जाएगा।

प्रदेश सरकार ने सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव और उन्हें महिलाओं की आय का जरिया बनाने के लिए उन्हें सामुदायिक शौचालय दिए जाएंगे।  35,512 ग्राम पंचायतों महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को शौचालय संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। समूह की एक महिला को छह हजार रुपये मानदेय और शौचालय में साफ-सफाई की सामग्री व उपकरण खरीदने के लिए तीन हजार रुपये महीने अतिरिक्त दिया जाएगा।

 

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें