• पुलिस जांच के नाम पर किसी भी आरोपी को उस पर लगे आरोपों से अवगत कराने से इनकार नहीं कर सकती

  • आरोपी उमर खालिद के खिलाफ मुख्य मामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली दंगों की साजिश का दर्ज किया है

  • दिल्ली दंगे की साजिश के आरोप में स्पेशल सेल ने 13 सितंबर को उमर खालिद को गिरफ्तार किया था

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (एजेंसी)। दिल्ली दंगे के एक मामले में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र उमर खालिद पर खजूरी खास थाने में दर्ज प्राथमिकी की प्रति उसे नहीं दिए जाने को अदालत ने संवैधानिक अधिकारों का हनन करार दिया। पुलिस ने खालिद को यह कहते हुए प्राथमिकी की जानकारी देने से इनकार कर दिया था कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है। अदालत ने पुलिस के इस जवाब को खारिज करते हुए कहा कि बगैर आरोपों की जानकारी दिए गिरफ्तारी गैर कानूनी है। किसी भी आरोपी को गिरफ्तारी के समय अपने ऊपर लगे आरोपों की जानकारी लेना उसका संवैधानिक अधिकार है।

कड़कड़डूमा स्थित मुख्य मेट्रोपोलिनट मजिस्ट्रेट पुरुषोत्तम पाठक की अदालत ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिए हैं कि वह आरोपी उमर खालिद द्वारा मांगी गई प्राथमिकी, चिकित्सा जांच और रिमांड दस्तावेजों की प्रति मुहैया कराए। यह आरोपी का कानूनी हक है। पुलिस जांच के नाम पर किसी भी आरोपी को उस पर लगे आरोपों से अवगत कराने से इनकार नहीं कर सकती। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि विभिन्न उच्च न्यायालय इस बात को पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि प्राथमिकी दर्ज होते ही उसकी प्रति आरोपी को मुहैया कराया जाना अनिवार्य है। इसके लिए आरोपपत्र तैयार होने तक का इंतजार नहीं किया जा सकता।

सीआरपीसी की धारा 50 का दिया हवाला

अदालत ने आरोपी उमर खालिद के वकील की दलीलें सुनने के बाद कहा कि दंड़ संहिता प्रक्रिया (सीआरपीसी) की धारा 50 के तहत पुलिस की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह आरोपी को उसके द्वारा किए गए कृत्य की जानकारी, घटना का दिन, समय और स्थान की जानकारी अनिवार्य तौर पर दे। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 22(1) का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस का गिरफ्तारी के समय किसी भी प्रकार की जानकारी आरोपी को ना देना उसके संवैधानिक अधिकारों के हनन की श्रेणी में आता है।

क्या है मामला

आरोपी उमर खालिद के खिलाफ मुख्य मामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली दंगों की साजिश का दर्ज किया है। लेकिन इसके अलावा खजूरी खास थाने में उस पर अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में उस पर आरोप है कि उसने कई अन्य आरोपियों से मुलाकात की थी। इसी मामले की प्राथमिकी की मांग उमर खालिद ने की थी।

13 सितंबर को हुआ था गिरफ्तार

दिल्ली दंगे की साजिश के आरोप में स्पेशल सेल ने 13 सितंबर को उमर खालिद को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 14 सितंबर को उसे पुलिस ने दस दिन की रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद से आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में है।

 

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें