• अयोध्या देश और दुनिया में स्वच्छता का नया मानक स्थापित करने की तैयारी
  • स्वच्छता की रैंकिंग में इंदौर लगातार पहले नंबर पर बना हुआ है
  • अयोध्या को पर्यटन स्थल बनाने के लिए इंदौर के स्वच्छता मॉडल को अपनाया

लखनऊ, 08 जनवरी (एजेंसी)। भगवान राम की नगरी अयोध्या देश और दुनिया में स्वच्छता और सुविधा का नया मानक स्थापित करने की तैयारी में है। राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही राज्य सरकार ने अयोध्या को दुनिया का बेहतरीन धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या को सजाने संवारने का जिम्मा इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट (आईआईएम) इंदौर के विशेषज्ञों को सौंपा है।नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों को आईआईएम-इंदौर के विशेषज्ञ स्वच्छता, सजावट और सुविधाओं का नया पाठ पढ़ायेंगे। इसके लिए अयोध्या नगर निगम और आईआईएम प्रबंधन के बीच करार हो गया है।स्वच्छता की रैंकिंग में इंदौर लगातार पहले नंबर पर बना हुआ है, इसलिए तय किया गया है कि इंदौर की तर्ज पर ही अयोध्या में कैपेसिटी बिल्डिंग और ट्रेनिंग का काम होगा। सुगम यातायात के लिए सड़कों को भी चौड़ा किया जाएगा।सब कुछ तय योजना के मुताबिक हुआ तो अयोध्या की गिनती देश और दुनिया के स्वच्छतम शहरों में होगी। करार के अनुसार, आईआईएम-इंदौर के विशेषज्ञ अयोध्या की स्वच्छता और सजावट के साथ ही पर्यटन सुविधाओं के विकास का खाका भी तैयार करेंगे। अयोध्या को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन स्थल बनाने के लिए दोनों संस्थाएं एक साथ काम करेंगी।आईआईएम के विशेषज्ञ अयोध्या में विश्वस्तरीय सफाई, सजावट और सुविधाओं के विकास के लिए सबसे पहले नगर निगम के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे। यातायात को बेहतर बनाने और पर्यटकों को बिना किसी परेशानी राम नगरी के भ्रमण कराने के लिए आईआईएम नगर निगम को योजनाएं सुझायेगा।

आईआईएम के जानकार योजनाओं पर नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरंतर निरीक्षण भी करेंगे। बेहतर तालमेल के लिए आईआईएम और नगर निगम से एक एक समन्वयक तैनात किए जाएंगे ताकि हर योजना पर काम शुरू करने से पहले पूरा होमवर्क किया जा सके।अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने के लिए इंदौर के स्वच्छता मॉडल को अपनाया जाएगा। रामचरित मानस की चौपाई की तर्ज पर स्वच्छता गीत तैयार किया जा रहा है। इस गीत को लोक गायिका मालिनी अवस्थी स्वर देंगी। राज्य सरकार की योजना रामचरित मानस की चौपाई की तर्ज पर बने इस स्वच्छता गीत को न सिर्फ अयोध्या बल्कि पूरे प्रदेश में घर घर तक पहुंचाने की है। समझौते के मुताबिक आईआईएम अब अयोध्या में आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन स्थली के रूप में स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए अपनी सेवाएं देगा।अयोध्या के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि, इंदौर मॉडल के तौर पर अयोध्या को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधा वाले पर्यटन केंद्र बनाया जाना है। इसके लिए अयोध्या नगर निगम और आईआईएम इंदौर के बीच एक समझौता (एमओयू) हुआ है। इसके तहत तीन साल के लिए आईआईएम इंदौर अयोध्या नगर निगम के साथ मिलकर काम करेगा।

आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने बताया कि, भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या को विकसित करने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना पर काम शुरू है। अयोध्या को हम दुनिया में सबसे स्वच्छ और सुंदर आध्यात्मिक पर्यटन स्थल बनाने का प्रयास करेंगे। भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की सफलता का केंद्र बिंदु इस पूरे प्रोजेक्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। हम सबसे पहले स्वच्छ भारत मिशन के सूचना, शिक्षा और संचार पहलुओं पर काम करना शुरू करेंगे। इसके लिए आईआईएम इंदौर से पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है जिसका नेतृत्व मैं स्वयं करूंगा।

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