• आधी रात को ऑटो रिक्शा में करीब 20 किमी दूर स्थित सरकारी अस्पताल तक का सफ़र

  • राजीवी ने एक गर्भवती महिला को सरकारी अस्पताल में सुरक्षित पहुंचाया

  • अगले दिन गर्भवती महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया

उडुपी 27 जुलाई (एजेंसी) कर्नाटक के उडुपी जिले की आशा कार्यकर्ता राजीवी ने एक ऐसा कार्य कर दिखाया, जो कि आने वाली पीढ़ी की महिलाओं के लिए साहस की मिशाल देती है, दरअसल राजीवी ने एक गर्भवती महिला को सरकारी अस्पताल में सुरक्षित पहुंचाया। अब आप कहेंगे इसमें ख़ास क्या है, तो बता दे कि राजीवी ने आधी रात को अपने ऑटो रिक्शा में करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित सरकारी अस्पताल में उस गर्भवती महिला को पहुँचाया, जिसके बाद अगले दिन गर्भवती महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया।

सूत्रों की माने तो उडुपी के पर्णनकिला गांव में राजीवी को आधी रात को गांव के लोगों ने फोन करके बताया कि एक गर्भवती महिला की तबियत बेहद बिगड़ चुकी है अत: उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत है, जिसके बाद राजीवी खुद ऑटो चालक महिला के घर पहुंचीं और वहां से उसे ऑटो में अस्पताल ले गई। राजीवी के पास खुद का ऑटो है जिसका इस्तेमाल वह आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए करती हैं। बीस साल पहले राजीवी ने अपने पति से ऑटो चलाना सीखा था। पांच साल पहले उनके पति को ब्रेन हेमरेज हुआ और वे इस दुनिया से चले गए।

उनके इस साहसी कदम की तारीफ खुद उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने की। बता दे कि राजीवी पर्णनकिला ग्राम पंचायत की स्वच्छ भारत मिशन की राजदूत भी हैं। वे कहती हैं मेरी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। लेकिन फिर भी मैं दूसरो की मदद करने का प्रयास करती हूं।

 

राजीवी अपनी आजीविका चलाने के लिए सुबह से रात तक ऑटो चलाती हैं। इस महिला ने अपनी ऑटो पर एक पोस्टर लगा रखा है। इसके माध्यम से वह कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए घर में रहने की सलाह देती हैं।

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