Jaipur, 09 अक्टूबर (एजेंसी)। कोरोनाकाल के दौरान अपने माता-पिता को खो चुके नवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों को शिक्षा विभाग ने राहत देते हुए उनका विद्यार्थी कोष शुल्क और विकास शुल्क माफ कर दिया है।

शासन उप सचिव प्रथम भारतेन्द्र जैन के आदेशानुसार कोरोनाकाल के दौरान माता-पिता को खो चुके नवीं से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों का विद्यार्थी कोष शुल्क और विकास शुल्क माफ कर दिया गया है। राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 14 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में कक्षा नवीं से बारहवीं तक के पांच हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।

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कक्षा नवीं और दसवीं के छात्रों से विद्यार्थी विकास कोष के तहत दो सौ रुपये और विकास शुल्क के तहत ढाई सौ रुपये वार्षिक लिए जाते हैं। ग्यारहवीं से बारहवीं में पढ़ने वाले छात्रों से विद्यार्थी विकास कोष के तहत तीन सौ रुपये और विकास शुल्क के तहत ढाई सौ रुपये लिए जाते है।

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