Gazipur, 16 अक्टूबर (एजेंसी)। श्री यति जी ने विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी प्रांत प्रचारक रमेश जी व कानपुर प्रांत प्रचारक श्रीराम जी को संत स्वरूप का दर्जा देते हुए कहाकि संघ प्रचारक गृह त्याग कर राष्ट्र सेवा व धर्म सेवा के नियमित कार्य करने का कार्य करते हैं। सभी प्रचारक एक संत के समान ही होते हैं जिन का सम्मान हम सभी का नैतिक कर्तव्य बनता है। धर्म, संस्कृति और राष्ट्र रक्षा के लिए कृत संकल्पित है सिद्धपीठ हथियाराम मठ : रमेश

सिद्धेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित संत समागम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी प्रांत प्रचारक रमेश ने कहाकि यह गर्व का विषय है कि जिस आध्यात्मिक परंपरा और प्रतिष्ठा के कारण पूरे विश्व में भारत की एक जगत प्रतिष्ठा है, उसका केंद्र बिंदु सिद्धपीठ हथियाराम मठ है। एक बार जो संपर्क में आ गया, वह धन्यता को प्राप्त कर गया। जब समाज देश पर संकट आता है तो समाधान भी या मठ ही प्रदान करता है।

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उन्होंने कहाकि धर्म सत्ता का केंद्र बिंदु यह सिद्धपीठ राजसत्ता का निर्धारण भी कर सकती है। लेकिन इस सिद्धपीठ की परंपरा, कठिन आचार संहिता सिद्धसंतों का सरल आचार व्यवहार अध्यात्मिक विकास के प्रति उनका संकल्प धर्म, संस्कृति व राष्ट्र रक्षार्थ के निमित्त ही निरंतर कार्य करते हैं जो सिद्ध पीठ को महान बनाता है। आत्मीयता पूर्वक संवाद के प्रणेता व दुख में भी पीड़ित को संतोष प्रदान करने वाला संतों का सरल व्यवहार इस पीठ की महत्ता को सूर्य के समान प्रकाशित करने का कार्य करते हैं।

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