गजल

अदम गोंडवी हिंदी गजल : आँख पर पट्टी रहे और अक़्ल पर ताला रहे

अदम गोंडवी हिंदी गजल : आँख पर पट्टी रहे और अक़्ल पर ताला रहे Adam Gondvi Hindi Gazal: Aankh par patti rahe aur aqal par taala rahe
अदम गोंडवी हिंदी गजल : आँख पर पट्टी रहे और अक़्ल पर ताला रहे Adam Gondvi Hindi Gazal: Aankh par patti rahe aur aqal par taala rahe

आँख पर पट्टी रहे और अक़्ल पर ताला रहे

अपने शाहे-वक़्त का यूँ मर्तबा आला रहे

तालिबे शोहरत हैं कैसे भी मिले मिलती रहे

आए दिन अख़बार में प्रतिभूति घोटाला रहे

एक जनसेवक को दुनिया में अदम क्या चाहिए

चार छ: चमचे रहें माइक रहे माला रहे

 

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अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए

अदम गोंडवी हिंदी गजल : ज़ुल्फ़-अँगड़ाई-तबस्सुम-चाँद-आईना-गुलाब

अदम गोंडवी हिंदी गजल : चाँद है ज़ेरे-क़दम, सूरज खिलौना हो गया

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अदम गोंडवी हिंदी गजल : वेद में जिनका हवाला हाशिये पर भी नहीं

अदम गोंडवी हिंदी गजल : काजू भुनी प्लेट में ह्विस्की गिलास में

अदम गोंडवी हिंदी गजल : वो जिसके हाथ में छाले हैं पैरों में बिवाई है

अदम गोंडवी हिंदी गजल : तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है

अदम गोंडवी हिंदी गजल : हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िये

अदम गोंडवी हिंदी गजल : ग़र चंद तवारीखी तहरीर बदल दोगे

अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिये

अदम गोंडवी हिंदी गजल : मुक्तिकामी चेतना अभ्यर्थना इतिहास की

अदम गोंडवी हिंदी गजल : बज़ाहिर प्यार की दुनिया में जो नाकाम होता है

अदम गोंडवी हिंदी गजल : भुखमरी की ज़द में है या दार के साये में है

अदम गोंडवी हिंदी गजल : आँख पर पट्टी रहे और अक़्ल पर ताला रहे

अदम गोंडवी हिंदी गजल :जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक़्क़ाम कर देंगे

अदम गोंडवी हिंदी गजल : मैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपको

सौ में सत्तर आदमी फ़िलहाल जब नाशाद है-अदम गोंडवी

 

 

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Title: adam gondvi hindi gazal aankh par patti rahe aur aqal par taala rahe in Hindi  | In Category: गजल ghazal

मिली जुली गजल

  1. अदम गोंडवी हिंदी गजल : न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के नगीने से  
  2. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में  
  3. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए
  4. अदम गोंडवी हिंदी गजल : ज़ुल्फ़-अँगड़ाई-तबस्सुम-चाँद-आईना-गुलाब
  5. अदम गोंडवी हिंदी गजल : चाँद है ज़ेरे-क़दम, सूरज खिलौना हो गया  
  6. अदम गोंडवी हिंदी गजल : घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है  
  7. अदम गोंडवी हिंदी गजल : काजू भुने पलेट में ह्विस्की गिलास में  
  8. अदम गोंडवी हिंदी गजल : आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िंदगी  
  9. अदम गोंडवी हिंदी गजल : हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है  
  10. अदम गोंडवी हिंदी गजल : बताओ कैसे लिख दूं धूप फागुन की नशीली है
  11. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जो उलझ कर रह गयी है फाइलों के जाल में  
  12. अदम गोंडवी हिंदी गजल : बेचता यूँ ही नहीं है आदमी ईमान को  
  13. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जुल्फ अँगड़ाई तबस्सुम चाँद आइना गुलाब  
  14. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जो उलझ कर रह गई है  फाइलों के जाल में
  15. अदम गोंडवी हिंदी गजल : विकट बाढ़ की करुण कहानी  
  16. अदम गोंडवी हिंदी गजल : घर में ठण्डे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है  
  17. चेतन आनंद: फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए
  18. चेतन आनंद: झांके है कोई पलपल अहसास की नदी में
  19. चेतन आनंद: अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है
  20. चेतन आनंद: हम तुम्हारे ग़ुलाम हो न सके,
  21. चेतन आनंद : प्यार कब आगे बढ़ा तक़रार से रहकर अलग
  22. चेतन आनंद : आ गये रिश्तों का हम रंगीं दुशाला छोड़कर
  23. चेतन आनंद : हम नहीं शाख, न पत्ते ही, न फल जैसे हैं
  24. चेतन आनंद : आंगन में तेरा अक्सर दीवार खड़ी करना
  25. चेतन आनंद : हमारे हौसले अहसास की हद से बड़े होते
  26. चेतन आनंद : उजाले की हुई पत्थर सरीखी पीर को तोड़ें
  27. अदम गोंडवी हिंदी गजल : भूख के एहसास को शेरो-सुख़न तक ले चलो
  28. चेतन आनंद : ऐसा भी कोई तौर तरीका निकालिये
  29. चेतन आनंद : वक्त की सियासत के क्या अजब झमेले हैं
  30. चेतन आनंद : गुमनाम हर बशर की पहचान बनके जी
  31. चेतन आनंद : मुश्क़िल है, मुश्क़िलात की तह तक नहीं जाती
  32. चेतन आनंद : कभी रहे हम भीड़ में भइया, कभी रहे तन्हाई में,
  33. चेतन आनंद : राहों से पूछ लेना, पत्थर से पूछ लेना 
  34. चेतन आनंद : इन सियासतदानों के घर में भी ठोकर मारकर
  35. चेतन आनंद : पहले तो होते थे केवल काले, नीले, पीले दिन
  36. चेतन आनंद : अब तो बदल पुराना सोच
  37. चेतन आनंद : अजब अनहोनियां हैं फिर अंधेरों की अदालत में
  38. चेतन आनंद : आख़िर में बैठ ही गया तन्हाइयों के साथ
  39. चेतन आनंद : मेरी परवाज़ जब-जब भी कभी अम्बर में होती है
  40. चेतन आनंद : याद आते हैं हमें जब चंद चेहरे देरतक
  41. चेतन आनंद : खमोशियां ही ख़मोशियां हैं हमारे दिल में तुम्हारे दिल में।
  42. चेतन आनंद: बनके आई जो दुल्हन उस खुशी के चर्चे हैं
  43. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिसके सम्मोहन में पागल धरती है आकाश भी है  
  44. अदम गोंडवी हिंदी गजल : आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िन्दगी  
  45. अदम गोंडवी हिंदी गजल : न महलों की बुलन्दी से , न लफ़्ज़ों के नगीने से  
  46. अदम गोंडवी हिंदी गजल : चाँद है ज़ेरे क़दम, सूरज खिलौना हो गया  
  47. अदम गोंडवी हिंदी गजल : ग़ज़ल को ले चलो अब गाँव के दिलकश नज़ारों में  
  48. अदम गोंडवी हिंदी गजल : वेद में जिनका हवाला हाशिये पर भी नहीं  
  49. अदम गोंडवी हिंदी गजल : काजू भुनी प्लेट में ह्विस्की गिलास में  
  50. अदम गोंडवी हिंदी गजल : वो जिसके हाथ में छाले हैं पैरों में बिवाई है  
  51. अदम गोंडवी हिंदी गजल : तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है  
  52. अदम गोंडवी हिंदी गजल : हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िये  
  53. अदम गोंडवी हिंदी गजल : ग़र चंद तवारीखी तहरीर बदल दोगे  
  54. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिये  
  55. अदम गोंडवी हिंदी गजल :  मुक्तिकामी चेतना अभ्यर्थना इतिहास की  
  56. अदम गोंडवी हिंदी गजल : बज़ाहिर प्यार की दुनिया में जो नाकाम होता है  
  57. अदम गोंडवी हिंदी गजल : भुखमरी की ज़द में है या दार के साये में है  
  58. अदम गोंडवी हिंदी गजल : आँख पर पट्टी रहे और अक़्ल पर ताला रहे
  59. अदम गोंडवी हिंदी गजल :जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक़्क़ाम कर देंगे 
  60. अदम गोंडवी हिंदी गजल : मैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपको  
  61. जां निसार अख्तर की गजल:  हर लफ़्ज़ तिरे जिस्म की खुशबू में ढला है
  62. जां निसार अख्तर की गजल: इसी सबब से हैं शायद, अज़ाब जितने हैं
  63. जां निसार अख्तर की गजल:  ज़रा-सी बात पे हर रस्म तोड़ आया था
  64. जां निसार अख्तर की गजल: ऐ दर्द-ए-इश्क़ तुझसे मुकरने लगा हूँ मैं
  65. जां निसार अख्तर की गजल: लम्हा-लम्हा तिरी यादें जो चमक उठती हैं
  66. जां निसार अख्तर की गजल: ज़िन्दगी ये तो नहीं, तुझको सँवारा ही न हो
  67. जां निसार अख्तर की गजल: वो आँख अभी दिल की कहाँ बात करे है
  68. जां निसार अख्तर की गजल: फुर्सत-ए-कार फ़क़त चार घड़ी है यारो
  69. जां निसार अख्तर की गजल: उजड़ी-उजड़ी हुई हर आस लगे
  70.  ज़िन्दगी तनहा सफ़र की रात है: जां निसार अख्तर
  71. कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिये : दुष्यंत कुमार
  72. अपाहिज व्यथा को सहन कर रहा हूं : दुष्यंत कुमार
  73. तुम्हारे पाँव के नीचे कोई ज़मीन नहीं : दुष्यंत कुमार
  74. नज़र-नवाज़ नज़ारा बदल न जाए कहीं :  दुष्यंत कुमार
  75. मैं अपने इख़्तियार में हूँ भी नहीं भी हूँ-निदा फ़ाज़ली
  76. बात कम कीजे ज़ेहानत को छुपाए रहिए - निदा फ़ाज़ली
  77. तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते- वसीम बरेलवी
  78. कैफी आज़मी की नज़्म "मकान"
  79. वो कमरा बात करता था जावेद अख्तर की नज्म
  80. कैफ़ी आज़मी की नज़्म फर्ज
  81. कैफ़ी आज़मी की गजल :  शोर परिंदों ने यु ही न मचाया होगा
  82. गुलजार की नज्म: अलाव
  83. अब अपनी रूह के छालों का कुछ हिसाब करूँ –राहत इंदौरी
  84. सौ में सत्तर आदमी फ़िलहाल जब नाशाद है-अदम गोंडवी
  85. लोग हर मोड़ पर रुक – रुक के संभलते क्यों हैं: राहत इन्दौरी
  86. कैफी आज़मी की प्रसिद्ध नज़्म: दूसरा वनवास
  87. इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है: दुष्यंत कुमार की गजल
  88. आँख की ये एक हसरत थी कि बस पूरी हुई- शहरयार

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