गजल

अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए

अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए Adam Gondvi Hindi Gazal: Jism kya hai rooh taq sab kuchh khulasa dekhiye
अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए Adam Gondvi Hindi Gazal: Jism kya hai rooh taq sab kuchh khulasa dekhiye

जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए

आप भी इस भीड़ में घुस कर तमाशा देखिए

जो बदल सकती है इस पुलिया के मौसम का मिजाज़

उस युवा पीढ़ी के चेहरे की हताशा देखिए

जल रहा है देश यह बहला रही है क़ौम को

किस तरह अश्लील है कविता की भाषा देखिए

मतस्यगंधा फिर कोई होगी किसी ऋषि का शिकार

दूर तक फैला हुआ गहरा कुहासा देखिए

 

 

अदम गोंडवी की अन्य हिेंदी गजल

 

Read all Latest Post on गजल ghazal in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: adam gondvi hindi gazal jism kya hai rooh taq sab kuchh khulasa dekhiye in Hindi  | In Category: गजल ghazal

मिली जुली गजल

  1. अदम गोंडवी हिंदी गजल : न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के नगीने से  
  2. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में  
  3. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए
  4. अदम गोंडवी हिंदी गजल : ज़ुल्फ़-अँगड़ाई-तबस्सुम-चाँद-आईना-गुलाब
  5. अदम गोंडवी हिंदी गजल : चाँद है ज़ेरे-क़दम, सूरज खिलौना हो गया  
  6. अदम गोंडवी हिंदी गजल : घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है  
  7. अदम गोंडवी हिंदी गजल : काजू भुने पलेट में ह्विस्की गिलास में  
  8. अदम गोंडवी हिंदी गजल : आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िंदगी  
  9. अदम गोंडवी हिंदी गजल : हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है  
  10. अदम गोंडवी हिंदी गजल : बताओ कैसे लिख दूं धूप फागुन की नशीली है
  11. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जो उलझ कर रह गयी है फाइलों के जाल में  
  12. अदम गोंडवी हिंदी गजल : बेचता यूँ ही नहीं है आदमी ईमान को  
  13. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जुल्फ अँगड़ाई तबस्सुम चाँद आइना गुलाब  
  14. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जो उलझ कर रह गई है  फाइलों के जाल में
  15. अदम गोंडवी हिंदी गजल : विकट बाढ़ की करुण कहानी  
  16. अदम गोंडवी हिंदी गजल : घर में ठण्डे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है  
  17. चेतन आनंद: फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए
  18. चेतन आनंद: झांके है कोई पलपल अहसास की नदी में
  19. चेतन आनंद: अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है
  20. चेतन आनंद: हम तुम्हारे ग़ुलाम हो न सके,
  21. चेतन आनंद : प्यार कब आगे बढ़ा तक़रार से रहकर अलग
  22. चेतन आनंद : आ गये रिश्तों का हम रंगीं दुशाला छोड़कर
  23. चेतन आनंद : हम नहीं शाख, न पत्ते ही, न फल जैसे हैं
  24. चेतन आनंद : आंगन में तेरा अक्सर दीवार खड़ी करना
  25. चेतन आनंद : हमारे हौसले अहसास की हद से बड़े होते
  26. चेतन आनंद : उजाले की हुई पत्थर सरीखी पीर को तोड़ें
  27. अदम गोंडवी हिंदी गजल : भूख के एहसास को शेरो-सुख़न तक ले चलो
  28. चेतन आनंद : ऐसा भी कोई तौर तरीका निकालिये
  29. चेतन आनंद : वक्त की सियासत के क्या अजब झमेले हैं
  30. चेतन आनंद : गुमनाम हर बशर की पहचान बनके जी
  31. चेतन आनंद : मुश्क़िल है, मुश्क़िलात की तह तक नहीं जाती
  32. चेतन आनंद : कभी रहे हम भीड़ में भइया, कभी रहे तन्हाई में,
  33. चेतन आनंद : राहों से पूछ लेना, पत्थर से पूछ लेना 
  34. चेतन आनंद : इन सियासतदानों के घर में भी ठोकर मारकर
  35. चेतन आनंद : पहले तो होते थे केवल काले, नीले, पीले दिन
  36. चेतन आनंद : अब तो बदल पुराना सोच
  37. चेतन आनंद : अजब अनहोनियां हैं फिर अंधेरों की अदालत में
  38. चेतन आनंद : आख़िर में बैठ ही गया तन्हाइयों के साथ
  39. चेतन आनंद : मेरी परवाज़ जब-जब भी कभी अम्बर में होती है
  40. चेतन आनंद : याद आते हैं हमें जब चंद चेहरे देरतक
  41. चेतन आनंद : खमोशियां ही ख़मोशियां हैं हमारे दिल में तुम्हारे दिल में।
  42. चेतन आनंद: बनके आई जो दुल्हन उस खुशी के चर्चे हैं
  43. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिसके सम्मोहन में पागल धरती है आकाश भी है  
  44. अदम गोंडवी हिंदी गजल : आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िन्दगी  
  45. अदम गोंडवी हिंदी गजल : न महलों की बुलन्दी से , न लफ़्ज़ों के नगीने से  
  46. अदम गोंडवी हिंदी गजल : चाँद है ज़ेरे क़दम, सूरज खिलौना हो गया  
  47. अदम गोंडवी हिंदी गजल : ग़ज़ल को ले चलो अब गाँव के दिलकश नज़ारों में  
  48. अदम गोंडवी हिंदी गजल : वेद में जिनका हवाला हाशिये पर भी नहीं  
  49. अदम गोंडवी हिंदी गजल : काजू भुनी प्लेट में ह्विस्की गिलास में  
  50. अदम गोंडवी हिंदी गजल : वो जिसके हाथ में छाले हैं पैरों में बिवाई है  
  51. अदम गोंडवी हिंदी गजल : तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है  
  52. अदम गोंडवी हिंदी गजल : हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िये  
  53. अदम गोंडवी हिंदी गजल : ग़र चंद तवारीखी तहरीर बदल दोगे  
  54. अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिये  
  55. अदम गोंडवी हिंदी गजल :  मुक्तिकामी चेतना अभ्यर्थना इतिहास की  
  56. अदम गोंडवी हिंदी गजल : बज़ाहिर प्यार की दुनिया में जो नाकाम होता है  
  57. अदम गोंडवी हिंदी गजल : भुखमरी की ज़द में है या दार के साये में है  
  58. अदम गोंडवी हिंदी गजल : आँख पर पट्टी रहे और अक़्ल पर ताला रहे
  59. अदम गोंडवी हिंदी गजल :जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक़्क़ाम कर देंगे 
  60. अदम गोंडवी हिंदी गजल : मैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपको  
  61. जां निसार अख्तर की गजल:  हर लफ़्ज़ तिरे जिस्म की खुशबू में ढला है
  62. जां निसार अख्तर की गजल: इसी सबब से हैं शायद, अज़ाब जितने हैं
  63. जां निसार अख्तर की गजल:  ज़रा-सी बात पे हर रस्म तोड़ आया था
  64. जां निसार अख्तर की गजल: ऐ दर्द-ए-इश्क़ तुझसे मुकरने लगा हूँ मैं
  65. जां निसार अख्तर की गजल: लम्हा-लम्हा तिरी यादें जो चमक उठती हैं
  66. जां निसार अख्तर की गजल: ज़िन्दगी ये तो नहीं, तुझको सँवारा ही न हो
  67. जां निसार अख्तर की गजल: वो आँख अभी दिल की कहाँ बात करे है
  68. जां निसार अख्तर की गजल: फुर्सत-ए-कार फ़क़त चार घड़ी है यारो
  69. जां निसार अख्तर की गजल: उजड़ी-उजड़ी हुई हर आस लगे
  70.  ज़िन्दगी तनहा सफ़र की रात है: जां निसार अख्तर
  71. कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिये : दुष्यंत कुमार
  72. अपाहिज व्यथा को सहन कर रहा हूं : दुष्यंत कुमार
  73. तुम्हारे पाँव के नीचे कोई ज़मीन नहीं : दुष्यंत कुमार
  74. नज़र-नवाज़ नज़ारा बदल न जाए कहीं :  दुष्यंत कुमार
  75. मैं अपने इख़्तियार में हूँ भी नहीं भी हूँ-निदा फ़ाज़ली
  76. बात कम कीजे ज़ेहानत को छुपाए रहिए - निदा फ़ाज़ली
  77. तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते- वसीम बरेलवी
  78. कैफी आज़मी की नज़्म "मकान"
  79. वो कमरा बात करता था जावेद अख्तर की नज्म
  80. कैफ़ी आज़मी की नज़्म फर्ज
  81. कैफ़ी आज़मी की गजल :  शोर परिंदों ने यु ही न मचाया होगा
  82. गुलजार की नज्म: अलाव
  83. अब अपनी रूह के छालों का कुछ हिसाब करूँ –राहत इंदौरी
  84. सौ में सत्तर आदमी फ़िलहाल जब नाशाद है-अदम गोंडवी
  85. लोग हर मोड़ पर रुक – रुक के संभलते क्यों हैं: राहत इन्दौरी
  86. कैफी आज़मी की प्रसिद्ध नज़्म: दूसरा वनवास
  87. इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है: दुष्यंत कुमार की गजल
  88. आँख की ये एक हसरत थी कि बस पूरी हुई- शहरयार

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *