अदम गोंडवी हिंदी गजल : विकट बाढ़ की करुण कहानी  

Adam Gondvi Hindi Gazal Vikat baadh ki karun kahani

विकट बाढ़ की करुण कहानी नदियों का संन्यास लिखा है।

बूढ़े बरगद के वल्कल पर सदियों का इतिहास लिखा है।।


क्रूर नियति ने इसकी किस्मत से कैसा खिलवाड़ किया।

मन के पृष्ठों पर शकुंतला अधरों पर संत्रास लिखा है।।

छाया मंदिर महकती रहती गोया तुलसी की चौपाई

लेकिन स्वप्निल, स्मृतियों में सीता का वनवास लिखा है।।

नागफनी जो उगा रही है गमलों में गुलाब के बदले

शाखों पर उस शापित पीढ़ी का खंडित विश्वास लिखा है।।

लू के गर्म झकोरों से जब पछुवा तन को झुलसा जाती

इसने मेरे तन्हाई के मरुथल में मधुमास लिखा है।।

अर्धतृप्ति उद्दाम वासना ये मानव जीवन का सच है


धरती के इस खंडकाव्य में विरह दग्ध उच्छवास लिखा है।।

 

अदम गोंडवी की अन्य गजल

 


Read all Latest Post on गजल ghazal in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: adam gondvi hindi gazal vikat baadh ki karun kahani in Hindi  | In Category: गजल ghazal

Next Post

अदम गोंडवी हिंदी गजल : जो उलझ कर रह गई है  फाइलों के जाल में

Sun Jul 22 , 2018
जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में गाँव तक वो रोशनी आएगी कितने साल में बूढ़ा बरगद साक्षी है किस तरह से खो गई रमसुधी की झोंपड़ी सरपंच की चौपाल में खेत जो सीलिंग के थे सब चक में शामिल हो गए हमको पट्टे की सनद मिलती […]
Adam Gondvi Hindi Gazal Jo Ulajh kar rah gyi hai failo ke jaal mai

All Post


Leave a Reply