चेतन आनंद: अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है

Chetan anand Hindi Gazal Ahashash ka falaq hai alfaaz ki zami hai

अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है,

लगता है मेरे दिल को, तू भी यहीं-कहीं है।


 

जब से किया है मैने, तेरे हवाले ख़ुद को,

दुनिया में दिल ये मेरा, लगता कहीं-नहीं है।

 

गहरी नदी है, टूटी है नाव मेरी, लेकिन

मुझको बचा तू लेगा, तुझपे मुझे यक़ीं है।

 

कहने को आ गया हूं, मैं उसके घर से, लेकिन

आंखें उसी के घर हैं, दिल भी मेरा वहीं है।


 

तेरे बिना मिले जो जन्नत भी छोड़ दूंगा,

तू है जहां पे, मेरी जन्नत भी तो वहीं है।

 


[wp_ad_camp_2]

 

[wp_ad_camp_2]


चेतन आनंद की अन्य हिंदी गजलें

चेतन आनंद : फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए

चेतन आनंद: झांके है कोई पलपल अहसास की नदी में

चेतन आनंद: अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है

चेतन आनंद: हम तुम्हारे ग़ुलाम हो न सके

चेतन आनंद : प्यार कब आगे बढ़ा तक़रार से रहकर अलग

चेतन आनंद : आ गये रिश्तों का हम रंगीं दुशाला छोड़कर

चेतन आनंद : हम नहीं शाख, न पत्ते ही, न फल जैसे हैं

चेतन आनंद : आंगन में तेरा अक्सर दीवार खड़ी करना

चेतन आनंद : हमारे हौसले अहसास की हद से बड़े होते

चेतन आनंद : उजाले की हुई पत्थर सरीखी पीर को तोड़ें

चेतन आनंद : ऐसा भी कोई तौर तरीका निकालिये

चेतन आनंद : वक्त की सियासत के क्या अजब झमेले हैं

चेतन आनंद : गुमनाम हर बशर की पहचान बनके जी

चेतन आनंद : मुश्क़िल है, मुश्क़िलात की तह तक नहीं जाती

चेतन आनंद : कभी रहे हम भीड़ में भइया, कभी रहे तन्हाई में

चेतन आनंद : राहों से पूछ लेना, पत्थर से पूछ लेना

चेतन आनंद : इन सियासतदानों के घर में भी ठोकर मारकर

चेतन आनंद : पहले तो होते थे केवल काले, नीले, पीले दिन

चेतन आनंद : अब तो बदल पुराना सोच

चेतन आनंद : अजब अनहोनियां हैं फिर अंधेरों की अदालत में

चेतन आनंद : आख़िर में बैठ ही गया तन्हाइयों के साथ

चेतन आनंद : मेरी परवाज़ जब-जब भी कभी अम्बर में होती है

चेतन आनंद : याद आते हैं हमें जब चंद चेहरे देरतक

चेतन आनंद : खमोशियां ही ख़मोशियां हैं हमारे दिल में तुम्हारे दिल में

चेतन आनंद: बनके आई जो दुल्हन उस खुशी के चर्चे हैं

[wp_ad_camp_2]

 

 

Read all Latest Post on गजल ghazal in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: chetan anand hindi gazal ahashash ka falaq hai alfaaz ki zami hai in Hindi  | In Category: गजल ghazal

Next Post

चेतन आनंद: झांके है कोई पलपल अहसास की नदी में

Thu Jul 19 , 2018
झांके है कोई पलपल अहसास की नदी में, होने लगी है हलचल अहसास की नदी में।   पानी में जब वो झांके, चांदी-सी चमकी जैसे, उतरा हो जैसे बादल अहसास की नदी में।   महके हैं लफ्ज़ सारे, घोला है जैसे तुमने, खुशबू का कोई काजल अहसास की नदी में। […]
Chetan anand Hindi Gazal Jhaanke hai koi pal pal ahashash ki nadi maiChetan anand Hindi Gazal Jhaanke hai koi pal pal ahashash ki nadi mai

All Post


Leave a Reply

error: खुलासा डॉट इन khulasaa.in, वेबसाइट पर प्रकाशित सभी लेख कॉपीराइट के अधीन हैं। यदि कोई संस्था या व्यक्ति, इसमें प्रकाशित किसी भी अंश ,लेख व चित्र का प्रयोग,नकल, पुनर्प्रकाशन, खुलासा डॉट इन khulasaa.in के संचालक के अनुमति के बिना करता है , तो यह गैरकानूनी व कॉपीराइट का उल्ल्ंघन है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था करती हैं तो ऐसा करने वाला व्यक्ति या संस्था पर खुलासा डॉट इन कॉपी राइट एक्त के तहत वाद दायर कर सकती है जिसका सारे हर्जे खर्चे का उत्तरदायी भी नियम का उल्लघन करने वाला व्यक्ति होगा।