चेतन आनंद: अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है
Chetan anand Hindi Gazal: Ahashash ka falaq hai alfaaz ki zami hai

 

अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है,
लगता है मेरे दिल को, तू भी यहीं-कहीं है।
जब से किया है मैने, तेरे हवाले ख़ुद को,
दुनिया में दिल ये मेरा, लगता कहीं-नहीं है।

गहरी नदी है, टूटी है नाव मेरी, लेकिन
मुझको बचा तू लेगा, तुझपे मुझे यक़ीं है।
कहने को आ गया हूं, मैं उसके घर से, लेकिन
आंखें उसी के घर हैं, दिल भी मेरा वहीं है।

तेरे बिना मिले जो जन्नत भी छोड़ दूंगा,
तू है जहां पे, मेरी जन्नत भी तो वहीं है।

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