चेतन आनंद : अजब अनहोनियां हैं फिर अंधेरों की अदालत में

चेतन आनंद : अजब अनहोनियां हैं फिर अंधेरों की अदालत में Chetan anand Hindi Gazal: Ajab anhoniya hai fir andhero ki adalat mai

अजब अनहोनियां हैं फिर अंधेरों की अदालत में

उजाले धुन रहे हैं सिर अंधेरों की अदालत में।


 

पुजारी ने बदल डाले धरम के अर्थ जिस दिन से

सिसकता है कोई मंदिर अंधेरों की अदालत में।

 

सवेरा बांटने के जुर्म में पकड़ा गया जो कल

वो सूरज आज है हाज़िर अंधेरों की अदालत में।

 

जो डटकर सामना करता रहा दीपक, वो सुनते हैं

वक़ीलों से गया है घिर अंधेरों की अदालत में।


 

सुना है फिर कहीं पर रौशनी की द्रोपदी ‘चेतन’

घसीटी ही गयी आखि़र अंधेरों की अदालत में।

 


[wp_ad_camp_2]

 

[wp_ad_camp_2]


चेतन आनंद की अन्य हिंदी गजलें

चेतन आनंद : फूल तितली झील झरने चाँद तारे रख दिए

चेतन आनंद: झांके है कोई पलपल अहसास की नदी में

चेतन आनंद: अहसास का फलक़ है, अल्फाज़ की ज़मीं है

चेतन आनंद: हम तुम्हारे ग़ुलाम हो न सके

चेतन आनंद : प्यार कब आगे बढ़ा तक़रार से रहकर अलग

चेतन आनंद : आ गये रिश्तों का हम रंगीं दुशाला छोड़कर

चेतन आनंद : हम नहीं शाख, न पत्ते ही, न फल जैसे हैं

चेतन आनंद : आंगन में तेरा अक्सर दीवार खड़ी करना

चेतन आनंद : हमारे हौसले अहसास की हद से बड़े होते

चेतन आनंद : उजाले की हुई पत्थर सरीखी पीर को तोड़ें

चेतन आनंद : ऐसा भी कोई तौर तरीका निकालिये

चेतन आनंद : वक्त की सियासत के क्या अजब झमेले हैं

चेतन आनंद : गुमनाम हर बशर की पहचान बनके जी

चेतन आनंद : मुश्क़िल है, मुश्क़िलात की तह तक नहीं जाती

चेतन आनंद : कभी रहे हम भीड़ में भइया, कभी रहे तन्हाई में

चेतन आनंद : राहों से पूछ लेना, पत्थर से पूछ लेना

चेतन आनंद : इन सियासतदानों के घर में भी ठोकर मारकर

चेतन आनंद : पहले तो होते थे केवल काले, नीले, पीले दिन

चेतन आनंद : अब तो बदल पुराना सोच

चेतन आनंद : अजब अनहोनियां हैं फिर अंधेरों की अदालत में

चेतन आनंद : आख़िर में बैठ ही गया तन्हाइयों के साथ

चेतन आनंद : मेरी परवाज़ जब-जब भी कभी अम्बर में होती है

चेतन आनंद : याद आते हैं हमें जब चंद चेहरे देरतक

चेतन आनंद : खमोशियां ही ख़मोशियां हैं हमारे दिल में तुम्हारे दिल में

चेतन आनंद: बनके आई जो दुल्हन उस खुशी के चर्चे हैं

[wp_ad_camp_2]

 

Read all Latest Post on गजल ghazal in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: chetan anand hindi gazal ajab anhoniya hai fir andhero ki adalat mai in Hindi  | In Category: गजल ghazal

Next Post

चेतन आनंद : अब तो बदल पुराना सोच

Thu Jul 19 , 2018
अब तो बदल पुराना सोच पहुंचा कहां ज़माना सोच।   उससे मिलना नहीं अगर तो फिर से एक बहाना सोच।   सन्नाटों के नगर में कैसे उसको आज बुलाना सोच।   रात हुई, बादल फिर आये चलकर कोई ठिकाना सोच।   तेरे साथ रहूंगा, लेकिन मौसम कोई सुहाना सोच।   […]
चेतन आनंद : अब तो बदल पुराना सोच Chetan anand Hindi Gazal: Ab to badal purana sochचेतन आनंद : अब तो बदल पुराना सोच Chetan anand Hindi Gazal: Ab to badal purana soch

Leave a Reply