चेतन आनंद: हम तुम्हारे ग़ुलाम हो न सके,
Chetan anand Hindi Gazal: ham tumhare gulaam ho n sake

 

हम तुम्हारे ग़ुलाम हो न सके,
ख़ास रह करके आम हो न सके।
हमने अपनाये नहीं हथकंडे,
इसलिये अपने काम हो न सके।

जी-हज़ूरी किसी की हो न सकी,
ये पदक अपने नाम हो न सके।
रोज़ सूरज-सा निकलना था हमें,
इक सुहानी-सी शाम हो न सके।

इश्क से यारी करके बैठ गये,
दर्द सारे तमाम हो न सके।

 

 

चेतन आनंद की अन्य हिंदी गजलें

 

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें