चेतन आनंद : हमारे हौसले अहसास की हद से बड़े होते
Chetan anand Hindi Gazal: hamare hausle ahashash ki had se bade hote

हमारे हौसले अहसास की हद से बड़े होते
अगर अपने नहीं होते तो हम क़द से बड़े होते।
हमें ही छू न पायीं भोर की किरणें शिकायत है
नहीं तो हम भी शायद एक बरगद से बड़े होते।

हमारी ही कमी थी, हम ही घबराये रहे, वरना
हमारे दायरे तय था कि मक़सद से बड़े होते।
शुरू से अंत तक ख़ुद पर भरोसा हो नहीं पाया
नहीं तो हौसले अपने भी अंगद से बड़े होते।

हमारी भी ग़ज़ल में खूबियां लोगों को मिल जातीं
भले ही बौने रहते हम मगर पद से बड़े होते।

 

 

 चेतन आनंद की अन्य हिंदी गजलें

 

 

 

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें