चेतन आनंद : वक्त की सियासत के क्या अजब झमेले हैं

Chetan anand Hindi Gazal Waqt ki siyasat ke kya ajab jhamele hai

वक़्त की सियासत के, क्या अजब झमेले हैं।

आइने तो ग़ायब हैं, चेहरे अकेले हैं।।


 

अब बतायें क्या तुमकोa दोस्तों की साजिश ने

उस तरफ के ग़म सारे इस तरफ धकेले हैं।।

 

रास्ते टटोले तो, रास्ते मिले, लेकिन

तीरगी के सब नश्तर, उंगलियों ने झेले हैं।।

 

हम दिये हैं, अंधियारो क्या हमें डराओगे

सूर्य के हैं बेटे हम, आंधियों से खेले हैं।।


 

इन रगों में बसते हैं, गीत, नज़्म, कविताएं,

तुम सिखाओगे हमको, हम कुंअर के चेले हैं।।

 


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