गजल

चेतन आनंद : याद आते हैं हमें जब चंद चेहरे देरतक

चेतन आनंद : याद आते हैं हमें जब चंद चेहरे देरतक Chetan anand Hindi Gazal: Yaad aate hai hame jab chand chehre der taq
चेतन आनंद : याद आते हैं हमें जब चंद चेहरे देरतक

याद आते हैं हमें जब चंद चेहरे देरतक

हम उतर जाते हैं गहरे और गहरे देरतक।

 

चांदनी आंगन में टहली भी तो दो पल के लिये

धूप के साये अगर आये तो ठहरे देरतक।

 

बंदिशें दलदल पे मुमकिन ही नहीं जो लग सकें

रेत की ही प्यास पर लगते हैं पहरे देरतक।

 

मैं हूं दरिया और खुशी है मैं किसी का हो गया

ये समन्दर कब हुआ किसका जो लहरे देरतक।

 

ये हक़ीक़त है यहां मेरी कहानी बैठकर

ग़ौर से सुनते रहे कल चंद बहरे देरतक।

 

 

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चेतन आनंद : याद आते हैं हमें जब चंद चेहरे देरतक

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चेतन आनंद: बनके आई जो दुल्हन उस खुशी के चर्चे हैं

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Title: chetan anand hindi gazal yaad aate hai hame jab chand chehre der taq in Hindi  | In Category: गजल ghazal

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  87. इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है: दुष्यंत कुमार की गजल
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चेतन आनंद

चेतन आनंद

लगभग 24 साल तक हिन्दुस्तान, नईदुनिया, आज समाज, दैनिक हिन्ट, दैनिक युग करवट, हमारा ग़ाज़ियाबाद पत्रिका में सलाहकार सम्पादक, समाचार सम्पादक, ब्यूरो चीफ, मुख्य संवाददाता, संवाददाता आदि सक्रिय पदों पर ज़िम्मेदारी निभाई। अपनी अभूतपूर्व कविताओं के लिए चेतन आनन्द जी को काव्य कुमार सम्मान ग़ाज़ियाबाद, काव्य-गौरव सम्मान ग़ाज़ियाबाद, प्रतिष्ठा पुरस्कार हैदराबाद, साहित्यश्री पुरस्कार बँगलुरु, हिन्दी साहित्य साधना सम्मान ग़ाज़ियाबाद, ओएनजीसी ग्रुप द्वारा हिन्दी साहित्य सेवा पुरस्कार लखनऊ, आगमन संस्था द्वारा दुष्यंत कुमार सम्मान 2017 सम्मान फरीदाबाद समेत दर्जनों पुरस्कार व सम्मान से नवाजा गया। वर्तमान में ‘काव्य-गंगा’ नाम से यूट्यूब चैनल का संचालन करते हैं। जिसके तहत वे नवोदित कवियों व शायरों को एक सार्थक मंच दिया जाता है।

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