कैफ़ी आज़मी की गजल :  शोर परिंदों ने यु ही न मचाया होगा

Kafi azami gazal -shor parindo ne unh hi n machaya hoga

शोर परिंदों ने यु ही न मचाया होगा

कोई जंगल की तरफ़ शहर से आया होगा


पेड़ के कांटने वालो को ये मालूम तो था

जिस्म जल जायंगे जब सर पे न साया होगा

मानिए जश्न-ऐ-बहार ने ये सोचा भी नहीं

किसने कांटो को लहू पाना पिलाया होगा

अपने जंगल से घबरा के उडे थे जो प्यासे

हर सेहरा उनको समंदर नज़र आया होगा

बिजली के तार पे बैठा तनहा पंछी

सोचता है की यह जंगल तो पराया होगा


Read all Latest Post on गजल ghazal in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें
Title: kafi azami gazal shor parindo ne unh hi n machaya hoga in Hindi  | In Category: गजल ghazal

Next Post

कैफ़ी आज़मी की नज़्म फर्ज

Fri Apr 13 , 2018
कैफ़ी आज़मी की नज़्म फर्ज | Kafi azami ki nazam in hindi Farz और फिर कृष्‍ण ने अर्जुन से कहा न कोई भाई न बेटा न भतीजा न गुरु एक ही शक्‍ल उभरती है हर आईने में आत्‍मा मरती नहीं जिस्‍म बदल लेती है धड़कन इस सीने की जा छुपती […]
Kafi azami ki nazam in hindi Farz

All Post


Leave a Reply