कहानी - बड़ी खबरें

A Collection of Classic Hindi Stories

खुलासा डॉट इन की कहानी सेक्शन में हम आप के लिए लाएं हैं हिंदी साहित्य की महत्वपूर्ण हिंदी कहानियां, अगर आप भी अपनी कोई कहानी, कविता गजल या कोई लेखक प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो कृपया हमें khulasaa.in@gmail.com पर भेजें।

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प्रेमचंद की कहानियां

प्रतापचन्द्र और कमलाचरण – मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Pratapchand aur kamlacharan premchand story

प्रतापचन्द्र को प्रयाग कालेज में पढ़ते तीन साल हो चुके थे। इतने काल में उसने अपने सहपाठियों और गुरुजनों की दृष्टि में विशेष प्रतिष्ठा प्राप्त कर ली थी। कालेज के जीवन का कोई ऐसा अंग न था जहाँ उनकी प्रतिभा न प्रदर्शित हुई हो। प्रोफेसर उस पर अभिमान करते और छात्रगण उसे अपना नेता समझते […]
प्रेमचंद की कहानियां

तिरसूल – मुंशी प्रेमचंद की कहानी | trishul munshi premchand story

अंधेरी रात है, मूसलाधार पानी बरस रहा है। खिड़कियों पर पानीके थप्पड़ लग रहे हैं। कमरे की रोशनी खिड़की से बाहर जाती है तो पानी की बड़ी-बड़ी बूंदें तीरों की तरह नोकदार, लम्बी, मोटी, गिरती हुई नजर आ जाती हैं। इस वक्त अगर घर में आग भी लग जाय तो शायद मैं बाहर निकलने की […]
प्रेमचंद की कहानियां

कप्तान साहब – मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Kaptan Sahab premchand story

जगत सिंह को स्कूल जान कुनैन खाने या मछली का तेल पीने से कम अप्रिय न था। वह सैलानी, आवारा, घुमक्कड़ युवक थां कभी अमरूद के बागों की ओर निकल जाता और अमरूदों के साथ माली की गालियॉँ बड़े शौक से खाता। कभी दरिया की सैर करता और मल्लाहों को डोंगियों में बैठकर उस पार […]
प्रेमचंद की कहानियां

विक्रमादित्य का तेग़ा – मुंशी प्रेमचंद की कहानी | vikramaditya ka tega munshi premchand story

बहुत जमाना गुजरा, एक रोज पेशावर के मौजे महानगर में प्रकृति की एक आश्चर्यजनक लीला दिखाई पड़ी। अंधेरी रात थी, बस्ती से कुछ दूर बरगद के एक छांहदार पेड़ के नीचे एक आग की लौ दिखायी पड़ी और एक झलमलाते हुए चिराग की तरह नजर आती रही। गांव में बहुत जल्द यह खबर फैल गयी। […]
प्रेमचंद की कहानियां

दुख दशा – मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Dukh dasha munshi premchand story

सौभाग्यवती स्त्री के लिए उसक पति संसार की सबसे प्यारी वस्तु होती है। वह उसी के लिए जीती और मारती है। उसका हँसना-बोलना उसी के प्रसन्न करने के लिए और उसका बनाव-श्रृंगार उसी को लुभाने के लिए होता है। उसका सोहाग जीवन है और सोहाग का उठ जाना उसके जीवन का अन्त है। कमलाचरण की […]
प्रेमचंद की कहानियां

इस्तीफा – मुंशी प्रेमचंद की कहानी | Isteefa munshi premchand story

दफ्तर का बाबू एक बेजबान जीव है। मजदूरों को ऑंखें दिखाओ, तो वह त्योरियॉँ बदल कर खड़ा हो जायकाह। कुली को एक डाँट बताओं, तो सिर से बोझ फेंक कर अपनी राह लेगा। किसी भिखारी को दुत्कारों, तो वह तुम्हारी ओर गुस्से की निगहा से देख कर चला जायेगा। यहॉँ तक कि गधा भी कभी-कभी […]
प्रेमचंद की कहानियां

स्वांग – मुंशी प्रेमचंद की कहानी | svaang munshi premchand story

राजपूत खानदान में पैदा हो जाने ही से कोई सूरमा नहीं हो जाता और न नाम के पीछे ‘सिंह’ की दुम लगा देने ही से बहादुरी आती है। गजेन्द्र सिंह के पुरखे किस जमाने में राजपूत थे इसमें सन्देह की गुंजाइश नहीं। लेकिन इधर तीन पुश्तों से तो नाम के सिवा उनमें रापूती के कोई […]
प्रेमचंद की कहानियां

आखिरी मंजिल – मुंशी प्रेमचंद की कहानी | aakhiri manzil munshi premchand story

आह ? आज तीन साल गुजर गए, यही मकान है, यही बाग है, यही गंगा का किनारा, यही संगमरमर का हौज। यही मैं हूँ और यही दरोदीवार। मगर इन चीजों से दिल पर कोई असर नहीं होता। वह नशा जो गंगा की सुहानी और हवा के दिलकश झौंकों से दिल पर छा जाता था। उस […]
प्रेमचंद की कहानियां

आल्हा - प्रेमचंद

आल्हा का नाम किसने नहीं सुना। पुराने जमाने के चन्देल राजपूतों में वीरता और जान पर खेलकर स्वामी की सेवा करने के लिए किसी राजा महाराजा को भी यह अमर कीर्ति नहीं मिली। राजपूतों के नैतिक नियमों में केवल वीरता ही नहीं थी बल्कि अपने स्वामी और अपने राजा के लिए जान देना भी उसका […]
प्रेमचंद की कहानियां

नसीहतों का दफ्तर - प्रेमचंद

बाबू अक्षयकुमार पटना के एक वकील थे और बड़े वकीलों में समझे जाते थे। यानी रायबहादुरी के करीब पहुँच चुके थे। जैसा कि अकसर बड़े आदमियों के बारे में मशहूर है, इन बाबू साब का लड़कपन भी बहुत गरीबी में बीता था। मॉँ-बाप अब अपने शैतान लड़कों को डॉँटते-डॉँपटते तो बाबू अक्षयकुमार का नाम मिसाल […]