–शुआ उरूज

 

रंग बिरंगी तितली आती

बच्चों का दिल ललचाती

फूलों पर बैठकर खूब इतराती

कोई पकड़ न पाता कभी उसके हाथ ना आती

कोई पकड़ना चाहे तो

दूर गगन में उड़ जाती

सब फूलों का रंग चुराकर

अपना पांव सजाती

कभी किसी के हाथ ना आती

कभी झट उड़ जाती।।

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