• शोएब अख्तर के करियर में जगमोहन डालमिया का महत्वपूर्ण योगदान

  • उनके बोलिंग ऐक्शन की जांच के हुए थे आदेश

लाहौर, 17 अप्रैल (एजेंसी)। रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर शोएब अख्तर के करियर के बारे में एक चौकाने वाली बात सामने आयी है । पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी कि पीसीबी के पूर्व अध्यक्ष ने चौकाने वाला खुलासा किया है, उनके अनुसार शोएब अख्तर का करियर साल 2000-01 में ही खत्म हो जाता यदि आईसीसी के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया उनकी मदद न करते तो । बता दे कि  अख्तर ने 1997 में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी, उनका पहला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके घरेलू मैदान रावलपिंडी में ही था ।

साल 1999 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने पीसीबी को बताया था कि तेज गेंदबाज अख्तर का गेंदबाजी ऐक्शन की जांच की जा रही है। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष डालमिया, जो भारत के सबसे बड़े क्रिकेट प्रशासकों में शामिल हैं, वर्ष 1997 से 2000 तक आईसीसी के अध्यक्ष रहे थे। लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) तौकीर जिया, जो 1999 से 2003 तक पीसीबी के अध्यक्ष रहे ने कहा कि जगमोहन, जो आईसीसी में एक प्रभावी आवाज रखते थे कि ने हमें शोएब अख्तर के बोलिंग ऐक्शन वाले मामले में काफी सहयोग दिया। हालांकि आईसीसी के सदस्य इस बात पर जोर दे रहे थे कि अख्तर का ऐक्शन गलत है लेकिन डालमिया अपनी बात पर अडिग रहे।

उन्होंने आगे कहा कि डालमिया और मैंने जो स्टैंड लिया उसके बाद आईसीसी को आखिर यह मानना पड़ा कि अख्तर के दाएं हाथ में जन्म से स्वास्थ्यगत परेशानी है, इसके बाद उन्हें खेलने दिया गया।

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