एम्सटरडम, 31 मार्च (एजेंसी)। नीदरलैंड की हाकी टीम की गोलकीपर जोयसे सोमब्रोएक अब डाक्टर के तौर पर देश में कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में जुट चुकी हैं। लंदन ओलंपिक 2012 में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली जोयसे के पास 2014 में विश्व चैम्पियनशिप का स्वर्ण पदक भी है। लगातार सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर रहते हुए जोयसे ने 26 वर्ष की उम्र में खेल जगत से संन्यास ले लिया था । इसके बाद उन्होंने एम्सटरडम में व्रिजे यूनिवर्सिटी से मेडिकल डिग्री पूरी की और अब वो अपनी डिग्री का सही इस्तेमाल कर रहे है ।

अब वह हेजमट सूट (सुरक्षा कवच) पहनकर वायरस की चपेट में आये मरीजों का उपचार कर रही हैं। नीदरलैंड के लिये 2010 से 2016 के बीच 117 मैच खेलने वाली डाक्टर जोयसे ने कहा कि जब मैंने दो साल पहले पढ़ाई खत्म की तो मैंने इंटरनल मेडिसिन, पल्मोनरी, कार्डियोलॉजी और गैस्ट्रो-इंटेस्टिनल विभाग में काम करना शुरू किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद मैंने एम्सटरडम में बड़े अस्पताल में आपात कक्ष में काम करके और अनुभव हासिल किया।

टोक्यो ओलंपिक के स्थगित होने के बारे में उन्होंने कहा कि यह फैसला सही था। उन्होंने कहा कि मैं समझती हूं कि यह मुश्किल फैसला था। एक या दो महीने पहले मैंने भी सोचा था कि इनका आयोजन किया जा सकता था लेकिन वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है।

 

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