• चोट के बावजूद खेलने के लिए कहा गया

  • शमी ने बताया कि टीम प्रबंधन ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद की

  • घुटने की चोट के चलते करियर पर बन आयी थी

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (एजेंसी)। विश्व कप 2015 । भारत और आस्ट्रेलिया के बीच सेमीफाइनल । बल्लेबाजों के साथ साथ गेंदबाजों का भी इम्तिहान । ये वो वक़्त था जिसे याद कर मोहम्मद शमी ने धोनी को लेकर चौकाने वाला खुलासा किया । दरअसल इस मैच से पहले घुटने की चोट के कारण मोहम्मद शमी के लिये चलना भी मुश्किल हो रहा था तब तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ज़ाहिर किया कि इतने बड़े मैच में किसी अन्य गेंदबाज को मौका देना संभव नहीं है, जिसके चलते तेज गेंदबाज शमी को दर्द निवारक दवाईयां लेकर मैदान पर उतरना पड़ा था।

घुटने की चोट के चलते करियर पर बन आयी थी

सिडनी में वह भले ही खेले थे लेकिन घुटने की इस चोट से उनका करियर खतरे में पड़ गया था। उन्हें इसका आपरेशन करवाना पड़ा तथा 26 मार्च 2015 के बाद उन्होंने अपना अगला अंतरराष्ट्रीय मैच जुलाई 2016 में टेस्ट मैच के रूप में खेला था। शमी ने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज इरफान पठान से इंस्टाग्राम पर बातचीत में कहा कि सेमीफाइनल से पहले मैंने अपने साथियों से कहा कि मेरे लिये यह चोट अब असहनीय हो गयी है। मैच के दिन मैं दर्द से परेशान था।

मैंने टीम प्रबंधन से चर्चा की लेकिन उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। उ न्होंने कहा कि माही भाई, टीम प्रबंधन ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह सेमीफाइनल है और इसमें वे नये गेंदबाज के साथ नहीं उतर सकते हैं। असल में आस्ट्रेलिया में भारत के विश्व कप अभियान के दौरान शमी की चोट को छिपाया गया था। वह घुटने पर पट्टियां बांधकर अभ्यास सत्र में उतरे थे और दर्द निवारक इंजेक्शन लेकर मैचों में खेले थे।

टीम प्रबंधन ने आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद की

शमी ने कहा कि विश्व कप 2015 में मेरे घुटने में चोट लगी थी। मैचों के बाद मैं चल नहीं पा रहा था। चोटिल होने के बावजूद मैं पूरे टूर्नामेंट में खेला। मैं नितिन पटेल (फिजियो) के भरोसे के कारण विश्व कप 2015 में खेला था। उन्होंने कहा कि घुटना पहले मैच में ही जवाब दे गया था। मेरी जांघ और घुटने का आकार बराबर हो गया था। चिकित्सक हर दिन उससे मवाद बाहर निकालते थे। मैं तीन दर्द निवारक इंजेक्शन लेता था। शमी ने कहा कि मैंने पहले पांच ओवर किये और 13 रन (असल में 16 रन) दिये। मैंने फिंच और वार्नर को परेशानी में रखा लेकिन गेंद उनके बल्ले को छूकर नहीं जा पायी। इसके बाद मैंने माही भाई से बात की और मुझे गेंदबाजी से हटा दिया गया। वह धोनी थे जो शमी को लगातार कहते रहे कि वह दर्द से पार पा सकते हैं।

लेकिन मैं आज भी खेल रहा हूँ

शमी ने कहा कि इंजेक्शन लेने के बाद भी मेरी स्थिति अच्छी नहीं थी। मैंने माही भाई से कहा कि मैं गेंदबाजी नहीं कर सकता क्योंकि मैं दौड़ नहीं सकता हूं। लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि खुद पर भरोसा रखो, कोई कामचलाऊ गेंदबाज भी रन देगा। इस तेज गेंदबाज को दस ओवर के कोटा में 60 से अधिक रन नहीं देने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन उन्होंने 68 रन लुटाये और उन्हें विकेट भी नहीं मिला। यह मैच स्टीव स्मिथ के शानदार शतक और मशहूर भारतीय बल्लेबाजी की नाकामी के लिये जाना जाता है। शमी ने कहा कि उन्होंने (धोनी) मुझसे कहा कि 60 से अधिक रन नहीं लुटाना। मैं इससे बुरी परिस्थितियों में कभी नहीं खेला। किसी ने कहा कि मेरा करियर खत्म हो गया है। किसी ने कहा कि मुझे नहीं खेलना चाहिए लेकिन मैं आज भी खेल रहा हूं।

Read all Latest Post on खेल sports in Hindi at Khulasaa.in. Stay updated with us for Daily bollywood news, Interesting stories, Health Tips and Photo gallery in Hindi
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए khulasaa.in को फेसबुक और ट्विटर पर ज्वॉइन करें