बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम… जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम।अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम॥ बारम्बार… प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम।सुर सुरों की रचना करती, कहाँ कृष्ण कहाँ राम॥ बारम्बार… [wp_ad_camp_2] चूमहि चरण चतुर चतुरानन, चारु चक्रधर श्याम।चंद्रचूड़ चन्द्रानन चाकर, शोभा लखहि ललाम॥ […]

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