आरती चालीसा - बड़ी खबरें

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श्री सूर्यदेव की आरती

जय कश्यप नन्दन, ऊँ जय अदिति नन्दन। त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चन्दन॥ ऊँ जय कश्यप नन्दन। जय सप्त अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी। दुखहारी, सुखकारी, मानस मलहारी॥ ऊँ जय कश्यप नन्दन। जय सुर मुनि भूसुर वन्दित, विमल विभवशाली। अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण माली॥ ऊँ जय कश्यप नन्दन। जय सकल सुकर्म
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माँ दुर्गा जी की आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥ तेरे भक्त जनों पर माता, भीड़ पड़ी है भारी। दानव दल पर टूट पड़ों माँ करके सिंह सवारी। सौ-सौ सिंहो से बलशाली, अष्ट भुजाओं वाली, दुष्टो को पल में संहारती। ओ मैया हम […]
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श्री हनुमान जी की आरती

आरति कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। जाके बल से गिरिवर कांपै। रोग-दोष जाके निकट न झांपै।।अंजनी पुत्र महा बलदाई। संतन के प्रेम सदा सहाई।। आरति कीजै हनुमान लला की… दे बीरा रघुनाथ पठाये। लंका जारि सिया सुधि लाये।।लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।। आरति कीजै हनुमान […]
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श्री श्यामबाबा की आरती

ॐ जय श्री श्याम हरे , बाबा जय श्री श्याम हरे | खाटू धाम विराजत, अनुपम रुप धरे ॥ ॐ जय श्री श्याम हरे.... रत्न जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुले| तन केशरिया बागों, कुण्डल श्रवण पडे ॥ ॐ जय श्री श्याम हरे.... गल पुष्पों की माला, सिर पर मुकुट धरे| खेवत धूप अग्नि पर, […]
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श्री संतोषी माता आरती

जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता । अपने सेवक जन को, सुख संपति दाता ॥ जय सुंदर चीर सुनहरी, मां धारण कीन्हो । हीरा पन्ना दमके, तन श्रृंगार लीन्हो ॥ जय गेरू लाल छटा छवि, बदन कमल सोहे । मंद हँसत करूणामयी, त्रिभुवन जन मोहे ॥ जय स्वर्ण सिंहासन बैठी, चंवर ढुरे प्यारे । […]
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श्री गंगा मां की आरती

ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता। ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता। चंद्र सी ज्योति तुम्हारी, जल निर्मल आता। शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता। ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता। पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता। कृपा […]