राम बन-बास से जब लौट के घर में आए याद जंगल बहुत आया जो नगर में आए रक़्स-ए-दीवानगी आँगन में जो देखा होगा छे दिसम्बर को श्री राम ने सोचा होगा इतने दीवाने कहाँ से मिरे घर में आए जगमगाते थे जहाँ राम के क़दमों के निशाँ प्यार की काहकशाँ […]