बात शुरू करने से पहले मुझे एक शेर याद आ गया ! ये सर्द रात, ये तन्हाई, उसपर ये नींद का बोझ, अपने शहर में होते तो हम घर चले जाते। ठीक बात है ! जाड़ों की रातों पर तो ये शेर एकदम ठीक बैठता है, लेकिन महाशय गर्मियों का […]

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