Planet Saturn (Shani) and its effects on different houses of Astrology यह बात तो हम सभी जानते है कि हमारी कुंडली नौ ग्रहों से प्रभावित होती है और इन नौ ग्रहो में सबसे ज्यादा प्रभावशाली ग्रह शनि है । इसके अलावा हमारे ग्रंथो में शनि को न्यायाधीश भी माना गया […]

Shani in twelvth house in birth chart in hindi: किसी भी जातक की कुंडली में बारहवे भाव (Twelvth house) को व्यय स्थान या व्ययभाव भी कहा जाता है। वैदिक ज्योतिष (Vedic Jyotish) में इस स्थान का बड़ा महत्व है। कुंडली के बाहरवें घर से किसी भी जातक के खर्चे, शय्यासुख, […]

Shani in Eleventh house in birthchart in hindi: वैदिक ज्योतिष में जन्मकुंडली का ग्यारहवां भाव लाभ स्थान या लाभ भाव के नाम से भी जाना जाता है। कुंडली का यह घर जातक की विभिन्न माध्यमों से होने वाली आय और उससे लाभ के बारे में बताता है। कुंडली का ग्यारहवां घर […]

Shani in Tenth house in birthchart in hindi: वैदिक ज्योतिष में कुंडली का दसवां घर (Tenth house in birthchart) बहुत महत्वपूर्ण है इसे कर्मस्थान या कर्मभाव के नाम से भी जाना जाता है। कुंडली का दसवां घर (Tenth house in birthchart) मुख्यत: व्यवसाय में आने वाले उतार चढ़ाव को दर्शाता है। […]

Shani in ninth house in birth chart:  वैदिक ज्योतिष (Vedic Jyotish) में कुंडली के नौवे घर (Ninth house) को धर्मस्थान या धर्मभाव के नाम से जाना जाता है। इस भाव से जातक के पूर्व जन्मों में संचित अच्छे या बुरे कर्मों के मिलने वाले फलों के बारे में बताया जाता […]

Shani (Saturn) in Eighth house in birth chart in hindi: वैदिक ज्योतिष में जन्मकुंडली के आठवें भाव को बहुत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। इस भाव को रंध्र भाव या मृत्यु भाव के नाम से जानते हैं। कुंडली में आठवां भाव (Eighth house of birthchart) जातक की आयु का कारक […]

Shani in Seventh house in birthchart in hindi: वैदिक ज्योतिष में जन्मकुंडली के सातवें भाव (Seventh house in birthchart) को युवती भाव के नाम से भी जाना जाता है। यह घर जातक की कुंडली में मुख्यत: विवाह और वैवाहिक जीवन का कारक है। किसी जातक की कुंडली के सातवे भाव […]

Shani in Sixth house in birth chart in hindi: किसी भी जातक की कुंडली में छठा भाव (Sixth house) उसके जीवन में उसके शत्रुओं और उसके प्रतिद्वंदियों को दर्शाता है। छठा भाव जातक को शुत्रओं से होने वाले नुकसान, विवादों, झगड़ें मुकदमें का भी कारक है। यदि किसी जातक की […]

Shani in Fifth house in birthchart in hindi: वैदिक ज्योतिष में जन्मकुंडली के पांचवे घर (Fifth house of Birthchart) को संतान भाव या सुत भाव भी कहा जाता है। यह भाव किसी जातक की कुंडली में उससे पैदा होने वाली संतान या संतान से प्राप्त होने वाले सुख को दर्शाता […]

Shani in fourth house in birthchart in hindi: किसी जातक की कुंडली में चौथे भाव (Fourth house) को माता का स्थान या सुख स्थान भी कहा जाता है। कुंडली का चौथा स्थान (Fourth house of Birthchart) जातक को माता की ओर से मिलने वाले सुखों को दर्शाता है। चौथा घर […]

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