Lucknow, 21 अक्टूबर (एजेंसी)। इस्लामिक दावा सेंटर के प्रमुख उमर गौतम द्वारा कथित रूप से चलाए जा रहे अवैध धर्मांतरण रैकेट को फंडिंग करने के मामले में गुजरात का एक कारोबारी उत्तर प्रदेश एटीएस की जांच के दायरे में आया है।

एटीएस के अनुसार, गुजरात के भरूच से अब्दुल्ला फेफदेवल्लाह अल-फाला ट्रस्ट का सदस्य है, जो रैकेट चलाने के लिए धन का मुख्य स्रोत था। पुलिस महानिरीक्षक, एटीएस, जी.के. गोस्वामी ने कहा कि हमने हवाला और अन्य माध्यमों से अल-फाला ट्रस्ट द्वारा किए गए 57 करोड़ रुपये के लेनदेन की पहचान की है। सभी लेनदेन के साथ-साथ यूके स्थित ट्रस्ट से जुड़े लोगों की जांच की जा रही थी।

अब्दुल्ला 2002 में गौतम के एक सहयोगी सलाहुद्दीन जैनुद्दीन के माध्यम से उमर गौतम के संपर्क में आए थे, बाद में, तीनों ने एक साथ काम करना शुरू कर दिया। उमर गौतम और जैनुद्दीन वर्तमान में धर्म परिवर्तन के एक मामले में वडोदरा पुलिस के सात दिन के रिमांड पर हैं। उन्होंने कहा कि हम अब्दुल्ला के ठिकाने का पता लगाने के लिए गुजरात पुलिस के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं।

एटीएस सूत्रों ने बताया कि अब्दुल्ला के पास ब्रिटेन की नागरिकता थी। उनके सहयोगियों, दुबई से मुस्तफा शेख और मुंबई (महाराष्ट्र) के इमरान ने कथित तौर पर अल-फाला ट्रस्ट में योगदान दिया। एटीएस अधिकारियों ने कहा कि जब गिरफ्तार आरोपियों से 57 करोड़ रुपये के फंड के स्रोत के बारे में पूछा गया, तो वे संतोषजनक जवाब देने में विफल रहे। अधिकारियों ने बताया कि अवैध धर्मांतरण रैकेट 24 राज्यों में सक्रिय था और अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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