• क्रिमिनल जस्टिस- बिहाइंड क्लोज़्ड डोर्स डोमेस्टिक एब्यूज़ के संवेदनशील मुद्दे को रेखांकित करती

  • शादीशुदा महिलाओं की स्थिति और अधिकारों को लेकर अहम सवाल उठाये गये

  • तापसी पन्नू ने एक वीडियो के ज़रिए इस मुद्दे पर बात रखी

मुंबई 30 दिसम्बर (एजेंसी) हाल ही में डिज़्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज़ हुई क्रिमिनल जस्टिस- बिहाइंड क्लोज़्ड डोर्स डोमेस्टिक एब्यूज़ के संवेदनशील मुद्दे को रेखांकित करती है। बता दे कि इस सीरीज़ के ज़रिए शादीशुदा महिलाओं की स्थिति और अधिकारों को लेकर अहम सवाल उठाये गये हैं। ऐसे में तापसी पन्नू ने एक वीडियो के ज़रिए इस मुद्दे पर बात रखते हुए कहा कि यह शो समस्याओं को संवेदनशील तरीके और समझदारी से उठाता है और यह शो उस समय आया है, जब लॉकडाऊन के दौरान महिलाओं के घरेलू शोषण के मामलों में वृद्धि हुई। मेरा मानना है कि नहीं मतलब नहीं। चाहे आप शादी शुदा हैं या नहीं, सहमति सबसे जरूरी है। मुझे उम्मीद है कि यह शो महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाएगा ताकि वो इस तरह के अपराध के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा सकें और समाज के दबाव के चलते चुप्पी ना साध लें।

वीडियो शेयर करते हुए तापसी ने लिखा कि नो मीन्स नो। शादी के बाद भी, बता दें, अनुभव सिन्हा निर्देशित थप्पड़ में तापसी पन्नू के किरदार के ज़रिए डोमेस्टिक वायोलेंस और सहमति का सवाल उठाया गया था और डोमेस्टिक वायोलेंस के ख़िलाफ़ तगड़ा संदेश देती है। बता दे कि क्रिमिनल जस्टिस- बिहाइंड क्लोज़्ड डोर्स अनुराधा चंद्रा की कहानी है, जिसने कबूल किया है कि उसने अपने पति बिक्रम को चाकू मारा। यह शुरू में ओपन-एंड-शट केस मालूम होता है, लेकिन वकील माधव मिश्रा और निखत हुसैन का मानना है कि इसमें ऐसा भी कुछ है, जो दिखाई नहीं दे रहा। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, विवाहेत्तर शोषण का खुलासा होता है।

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